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राशि और कुंडली योग के अनुसार बनाएं अपना करियर| सफलता चूमेगी आपके कदम

राशि और कुंडली योग के अनुसार बनाएं अपना करियर| अगर कुंडली में योग तो आपका बच्चा अपने चुने हुए फील्ड में करेगा तरक्की

सुख से कैसा है आपका किस्मत कनेक्शन, रिश्तों का क्या है ग्रह योग, क्या कहते हैं आपके सितारे, कुंडली मे मुख्य ग्रह की क्या है विशेषता और मजबूत ग्रह होने के कारण बाकी  ग्रहों के बारे में सोचने की ज़रूरत क्यों नहीं? आइये जानें इन ख़ास तथ्यों के बारे में!

आपकी राशि के लिए कौन सी जॉब है परफेक्ट, जानें

10वीं और 12वीं परीक्षाओं के नतीजे आने वाले हैं. हर साल की तरह इस साल भी लाखों छात्र बोर्ड परीक्षाओं का हिस्सा बनें और अपने रिजल्ट का बेताबी से इंतजार कर रहे हैं. हर छात्र के दिमाग इस वक्त एक ही बात चल रही होती है कि हम किस क्षेत्र मे अपना करियर बनाएं. करियर वाले सवाल में अधिकांश छात्र उलझ जाते हैं और समझ के अभाव में गलत फील्ड की ओर रुख कर जाते हैं.

ऐसे छात्रों को जब तक अपनी गलतियों का एहसास होता है, तब तक उनके कई साल बर्बाद हो चुके होते हैं. ज्योतिष शास्त्र के बड़े विद्वान अलख निरंजन त्रिवेदी जी महाराज इस बात पर प्रकाश डाल रहे हैं कि किस राशि के जातकों को किस फील्ड को चुनना चाहिए, जिससे की उनका करियर संवर सकें.

कुंडली योग मे पंचम भाव शिक्षा का!

सबसे पहले तो यह जान लेना चाहिए कि किसी भी इंसान की जन्मकुंडली का पंचम भाव शिक्षा का होता है. वहीं करियर के चयन में लग्न और नवम भाव पर चिंतन करना महत्वपूर्ण होता है. जिस बच्चे की कुंडली में पंचम भाव एवं पंचमेश की स्थिति जितनी मजबूत होगी, शिक्षा भी उतनी भी अच्छी होगी. यदि किसी कें पंचम भाव में पाप ग्रह उपस्थित हो, पंचम भाव पाप ग्रहों से घिरा हुआ हो, पंचमेश पाप प्रभाव में, छठें, आठवें और बारहवें भाव होता है शिक्षा प्राप्त करने में विध्न आता है.

आपकी राशि के लिए कौन सी जॉब है परफेक्ट, जानें

यदि किसी के लग्न का स्वामी पंचम, नवम या फिर केंद्रीय भाव है तो ऐसे लोगों की शिक्षा अच्छी होती है. अगर किसी के पंचम भाव में सूर्य है तो प्रशासनिक सेवा की ओर जाने के योग बनते हैं. मंगल पुलिस और सेना की सेवा प्रदान करता है. बुध एमबीए जैसे प्रोफेशनल कोर्स का कारक है जबकि शुक्र मनोरंजन, मीडिया और आर्थिक क्षेत्र में भविष्य बनता है. वही शनि तकनीकी, मेडिकल और कानून की ओर रुझान करता है. जन्मकुंडली का चंद्रमा प्रोफसर, रीडर, लैक्चरर और टीचर बनाता है.

कुंडली योग मे नवम भाव भाग्य का प्रतीक

कुंडली का नवम भाव भाग्य का प्रतीक होता है. यदि किसी की कुंडली के नवम भाव में गुरु ग्रह बृहस्पति, चंद्रमा और शुक्र बैठा है तो जातक सफलता की ओर अग्रसर होता है. पंचम भाव में विराजमान गुरु और चंद्रमा का योग टॉपर बनाते हैं. ऐसे जातक उच्च कोटि के अधिकारी बनते हैं.

राशि के अनुसार नौकरी पाने के उपाय

आपकी राशि के लिए कौन सी जॉब है परफेक्ट, जानें

  • मेष : मेष राशि के जातकों को पुलिस, प्रशासन, सेना, जासूसी एवं खेल के क्षेत्र की तैयारी करनी चाहिए.
  • वृषभ : इस राशि वालों को मीडिया, फिल्म, रेडियो, राजनीति, सौंदर्य प्रसाधन, फैशन डिजायनिंग जैसे फील्ड में जाना चाहिए.
  • मिथुन : मिथुन राशि वाले छात्रों को लेखन, साहित्य, मीडिया एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में प्रयास करना चाहिए.
  • कर्क : इस राशि के बच्चों को वनस्पति विज्ञान, पशुपालन, डेयरी, मछली पालन, होटल मैनेजमेंट आदि के क्षेत्र में कोशिश करनी चाहिए.
  • सिंह : सिंह राशि के जातकों को प्रशासन, उच्च न्यायिक सेवाओं, मैनेजमेंट जैसे फील्ड में प्रयास करना चाहिए.
  • कन्या : इस राशि के छात्रों को कानून, अकाउंट, एग्रीकल्चर और सरकारी सेवा की तैयारी करनी चाहिए.
  • तुला : इन राशि वालों को एक्टिंग, मॉडलिंग, सिंगिग, डांसिग, ड्राइंग, फोटोग्राफी, आर्किटेक्चर आदि फील्ड में अपना करियर बनाना चाहिए.
  • वृश्चिक : इस राशि के जातकों को पुलिस, सेना, दूरसंचार, रेलवे आदि क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहिए.
  • धनु : धनु राशि वालों को बैकिंग, अकाउंट, मार्केटिंग, रिटेल मैनेजमेंट, विज्ञापन जैसे क्षेत्रों में कोशिश करनी चाहिए.
  • मकर : मकर राशि के जातकों को पेट्रोलियम, इंजीनियरिंग, और माइन्स के फील्ड में अपना करियर बनाना चाहिए.
  • कुंभ : कुंभ राशि वाले छात्रों को मेडिकल, साइंस, टेक्नोलॉजी आदि के क्षेत्र में प्रयास करें तो विशेष सफलता मिलती है.
  • मीन : मीन राशि के बच्चों को टूरिज्म, ट्रैवल एजेंसी, पत्रकारिता, बिजनेस मैनेजमेंट जैसे फील्ड के लिए प्रयास करना चाहिए.

वैदिक ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार जिस जातक का जन्मांक 01 होता है, उन्हें प्रशासनिक क्षेत्र में, 02 वालों को मेडिकल, 03 वाले प्रशासन, 04 वाले इंजीनियरिंग, 05 वाले मेडिकल, 06 वाले लॉ, 07 वाले पत्रकारिता, 08 वाले मेडिकल और इंजीनियरिंग, 09 जन्मांक वाले छात्र प्रशासनिक सेवा की तैयारी करेंगे तो उनके मनोनूकुल परिणाम आएंगे.

कर्म  तेरे अच्छे है तो किस्मत तेरी दासी है! नियत तेरी अच्छी है तो घर तेरा मथुरा काशी है!

इन सबके साथ एक बार गांठ बांध कर याद कर लें कि किस्मत, कर्म की दासी होती है. व्यक्ति का भाग्य उसके कर्म पर भी निर्भर करता है. मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता. सभी छात्रों को हमारी सलाह है कि खूब पढ़ें. मेहनत करें. एकाग्रता को अपनी शिक्षा का हथियार बनाएं. निश्चित तौर पर ही जिन जातकों को जिस क्षेत्र की सलाह दी गई है, उससे में सफलता मिलना तय है.

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