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Kharmas 2018: इस महीने 16 को हो रही है खरमास की शुरुआत, एक महीने तक ना करें कोई शुभ काम

16 दिसंबर की सुबह को हो रही है खरमास की शुरुआत, मकर संक्रांति पर्व पर समाप्त होता है खर मास

Kharmas 2018: हिंदू धर्म में कुछ दिनों को विशेष माना जाता है. ऐसे दिनों में किसी प्रकार का शुभ-अशुभ कार्य करने से रोका जाता है. इन्ही में से खरमास भी एक है. इस साल खरमास की शुरुआत 16 दिसंबर ये रविवार की सुबह 9 बज कर 8 मिनट पर होगी. ऐसे में सूर्य का धनु राशि में प्रवेश करते ही खर मास या मलमास प्रारंभ हो जाएगा. हिंदू धर्म के अनुसार सूर्य के धनु राशी में प्रवेश करने के बाद घर व्यापार में किसी तरह का शुभ काम नहीं किया जाता. इसलिए 16 दिसंबर की सुबह से आप विवाह, ग्रह प्रवेश, नए वाहन की खरीददारी, भवन निर्माण की शुरुआत आदि जैसे मंगल कार्य ना करें.

Kharmas-2018

कब होगा खरमास का अंत – मकर संक्रांति पर्व पर समाप्त होता है खर मास

दिसंबर में शुरू हो रहे इस खरमास का अंत अगले वर्ष यानि 14 जनवरी 2019 को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने से होगा. जैसे ही सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेगा, अशुभ काल की समाप्ति हो जाएगी. दरअसल, जब भी सूर्य देव धनु या मीन राशि में परवेश करते हैं तो इससे गुरु निस्तेज हो जाता है अर्थात उसका प्रभाव ख़तम हो जाता है. जबकि किसी भी शुभ काम के लिए गुरु का पूर्ण अवस्था में होना आवश्यक है. इस खरमास काल के दौरान विवाह करना पाप समझा जाता है. ऐसे में यदि कोई विवाह करता है तो उसके जीवन में खुशियाँ पलट कर कभी नहीं आती.

खरमास में करें विष्णु की उपासना 

खरमास के इस अशुभ काल में केवल विष्णु देव भगवान को ही इसका प्रतिनिधि माना जाता है. ऐसे में इन दिनों विष्णु पूजन करने से घर में शांति बनी रहती है और नकारात्मक शक्तियां घर परिवार से कौसों दूर बनी रहती है. इसलिए खरमास के दौरान आप नियमित रूप से विष्णु की उपासना करें इससे आपको समस्त सुखों की प्राप्ति होगी. इसके इए आप सुबह स्नान के बाद निर्वृत हो अज्येंगे और विष्णु के मंत्र “मंत्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम:” का जाप तुलसी की माला के साथ करें. इसके पश्चात आप पीपल के पेड़ पर कच्चा दूध अर्पित करें इससे घर में कभी धन की कमी नहीं आएगी.

क्या ना करें खरमास काल में? 

खरमास के दिनों को ज्योतिष शास्त्र में शुभ कार्यों के लिए सही नहीं माना गया है. इसलिए इन दिनों के प्रभाव से बचने के लिए आप भूल से भी इस काल में सगाई, विवाह, ग्रह प्रवेश, वाहन की खरीदारी या अन्य मांगलिक कार्य ना करें. इसके इलावा आप इन दिनों में कोई भी नया वस्त्र ना खरीदें. आप मंगल कार्यों की शुरुआत सूर्य के मकर राशि में एक माह के बाद प्रवेश करने पर कर सकते हैं. इस ख़ास दिन को मकर संक्राति के नाम से देश भर में जाना जाता है. खरमास की समाप्ति के बाद मकर संक्राति के दिन नदियों में स्नान उपरांत दान करें.

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